HomeEntertainmentअफ़ग़ानिस्तान भूकंप त्रासदी: 800 से ज्यादा मौतें और हजारों घायल, दुनिया ने...

अफ़ग़ानिस्तान भूकंप त्रासदी: 800 से ज्यादा मौतें और हजारों घायल, दुनिया ने जताया दुख

अफ़ग़ानिस्तान भूकंप ताज़ा अपडेट: 800 से ज्यादा लोगों की मौत, 2,500 घायल – भारत ने जताई संवेदना

काबुल से बड़ी खबर – पूर्वी अफगानिस्तान में आए जबरदस्त भूकंप ने तबाही मचा दी है। अब तक की जानकारी के मुताबिक 800 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और करीब 2,500 लोग घायल हुए हैं। तालिबान सरकार के प्रवक्ता ने यह आँकड़े जारी किए।
संयुक्त राष्ट्र (UN) ने कहा कि वह इस घटना से बेहद दुखी है। UN की टीम पहले से ही मौके पर पहुंच चुकी है और आपातकालीन मदद और ज़रूरी सामान पहुँचाया जा रहा है। संगठन ने कहा – “हमारी संवेदनाएँ प्रभावित परिवारों के साथ हैं।”

लोगों के साथ खड़े होने का संदेश दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X (Twitter) पर लिखा –
“अफगानिस्तान में आए भूकंप से हुई मौतों से बहुत दुख हुआ। हमारी प्रार्थनाएँ और संवेदनाएँ पीड़ित परिवारों के साथ हैं। घायलों के जल्दी स्वस्थ होने की कामना करते हैं। भारत हर तरह की मानवीय मदद के लिए तैयार है।”
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी अफगान जनता के प्रति “समर्थन और एकजुटता” व्यक्त की। उन्होंने लिखा –
“भारत इस मुश्किल समय में अफगानिस्तान की मदद करेगा। मृतकों के परिवारों को हमारी संवेदना और घायलों के लिए दुआएँ।”

  • अफ़ग़ानिस्तान भूकंप ताज़ा खबर
  • Afghanistan earthquake update
  • अफ़ग़ानिस्तान भूकंप 2025
  • Earthquake news Afghanistan
  • Afghanistan disaster news
  • भूकंप में मौत और घायल आंकड़े
  • India reaction Afghanistan earthquake
  • सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र कौन-सा?

अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार भूकंप रात 11:47 बजे (लोकल टाइम) आया। इसका एपिसेंटर नांगरहार प्रांत के जलालाबाद से 27 किलोमीटर दूर, केवल 8 किमी गहराई पर था।
भूकंप की वजह से कुनार प्रांत सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ। यहाँ नूर गुल, सोकी, वाटपुर, मानोगी और चपादरे जैसे इलाकों में सैकड़ों घर गिर गए या बुरी तरह टूट-फूट गए।

राहत और बचाव में मुश्किलें

भूकंप से प्रभावित कई पहाड़ी इलाके पाकिस्तान बॉर्डर के पास हैं। यहाँ मोबाइल नेटवर्क भी बंद हो गया है जिससे रेस्क्यू टीमों को वहाँ पहुँचने में दिक्कत हो रही है।
संयुक्त राष्ट्र की अधिकारी केट कैरी ने कहा कि पिछले 24-48 घंटे से इलाके में भारी बारिश हो रही थी। इससे भूस्खलन और चट्टान खिसकने का खतरा और बढ़ गया है, जिसकी वजह से कई सड़कें बंद हो चुकी हैं।
बचाव दल अब मरे हुए जानवरों के शवों को जल्दी हटाने पर भी ध्यान दे रहे हैं ताकि पानी की सप्लाई दूषित न हो। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि कई इलाके अब भी पूरी तरह से कटे हुए हैं।

बैडमिंटन :पेरिस के बाद नई दिल्ली में गूंजेगा – 2026 वर्ल्ड चैंपियनशिप की वापसी भारत में

भूकंप इतना खतरनाक क्यों था?

अफगानिस्तान भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट्स के जंक्शन पर स्थित है। दोनों प्लेट्स की टक्कर अक्सर होती रहती है, जिससे यह इलाका भूकंप-प्रवण बन जाता है।
ब्रिटिश जियोलॉजिकल सर्वे के सिस्मोलॉजिस्ट ब्रायन बैप्टी ने बताया –
“भारत हर साल लगभग 45 मिलीमीटर की रफ़्तार से यूरेशिया की तरफ बढ़ रहा है। यही वजह है कि यह टकराव ज़ोन दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंप वाले इलाकों में गिना जाता है। यहाँ से दुनिया की करीब 15% भूकंपीय ऊर्जा निकलती है। इसलिए इस इलाके में बड़े-बड़े भूकंप आते रहते हैं।”

अफगानिस्तान में आए इस भूकंप ने एक बार फिर दिखा दिया कि यह इलाका प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज़ से कितना नाज़ुक है। राहत और बचाव का काम जारी है, लेकिन चुनौती अब भी बहुत बड़ी है।

 

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments