दिशा पाटनी घर फायरिंग केस: STF ने गाजियाबाद एनकाउंटर में दोनों शूटरों को किया ढेर
बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी के बरेली स्थित घर पर 11 सितंबर को हुई फायरिंग के मामले ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था। इस घटना ने न केवल उनके परिवार को बल्कि फिल्म इंडस्ट्री को भी गहरे सदमे में डाल दिया था। शुरुआती जांच में यह सामने आया कि घटना के पीछे बड़े अपराधी गैंगों का हाथ है। इसी बीच उत्तर प्रदेश एसटीएफ और दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की टीम ने इस मामले में बड़ी सफलता हासिल की। गाजियाबाद में हुए एक एनकाउंटर में दोनों शूटरों को मार गिराया गया जिन्होंने दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग की थी। पुलिस के मुताबिक, जब टीम उन्हें पकड़ने पहुंची तो शूटरों ने अचानक पुलिस पार्टी पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। मजबूरी में पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी और मुठभेड़ में दोनों अपराधियों को कई गोलियां लगीं। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर से पूरे मामले में नया मोड़ आ गया और साफ हो गया कि कानून से खिलवाड़ करने वाले अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
एनकाउंटर में मारे गए दोनों अपराधियों की पहचान रविंद्र और अरुण के रूप में हुई है। दोनों हरियाणा के रहने वाले थे और उन पर पहले से ही कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि इनका सीधा संबंध कुख्यात गोल्डी बरार और रोहित गोदारा गैंग से था। ये गैंग पहले भी कई बार आपराधिक गतिविधियों और टारगेट किलिंग में शामिल पाए जा चुके हैं। पुलिस के अनुसार, बरेली में दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग भी इन्हीं गैंग की प्लानिंग का हिस्सा थी। इस घटना से साफ है कि अपराधियों ने बॉलीवुड सेलिब्रिटी को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है ताकि वे डर और दबाव का माहौल बना सकें। हालांकि, उत्तर प्रदेश एसटीएफ और दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने साबित कर दिया कि अपराध कितना भी बड़ा क्यों न हो, कानून की पकड़ से बचना असंभव है। इस कार्रवाई ने अपराधियों के नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया था। उन्होंने घटना के बाद तुरंत दिशा पाटनी के पिता से फोन पर बातचीत की और उन्हें आश्वस्त किया कि दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी। योगी सरकार पहले से ही कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है और इस घटना ने उनकी प्रतिबद्धता को और मजबूत कर दिया। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने शूटरों की तलाश तेज कर दी थी। आखिरकार गाजियाबाद में हुए एनकाउंटर ने यह साबित कर दिया कि सरकार का इरादा अपराधियों को जड़ से खत्म करने का है। मौके से पुलिस को जिगाना और ग्लॉक पिस्टल बरामद हुईं, जिनका इस्तेमाल फायरिंग में किया गया था। इसके अलावा अपाचे बाइक भी जब्त की गई, जिसका इस्तेमाल शूटरों ने बरेली में हमले के दौरान किया था। बरामदगी ने यह साबित कर दिया कि यही अपराधी घटना के जिम्मेदार थे।
इस मुठभेड़ के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब इन गैंग्स के नेटवर्क को और गहराई से खंगाल रही हैं। रविंद्र और अरुण जैसे अपराधियों के मारे जाने से जहां एक तरफ दिशा पाटनी के परिवार को राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर जनता में भी यह संदेश गया है कि अपराधियों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा। एनकाउंटर की इस कार्रवाई से अपराधी गिरोहों में खौफ फैल गया है और आने वाले समय में उनके लिए अपराध करना और मुश्किल हो जाएगा। बॉलीवुड और सेलिब्रिटी जगत ने भी पुलिस की इस तेज कार्रवाई की सराहना की है। यह पूरा मामला इस बात का सबूत है कि अगर सरकार और पुलिस मिलकर ठान लें तो संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी से बड़ी लड़ाई जीती जा सकती है। उत्तर प्रदेश पुलिस और दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की इस संयुक्त कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि न्याय भले देर से मिले, लेकिन अपराध का अंजाम हमेशा बुरा ही होता है।


