कानपुर ब्लास्ट: सड़क किनारे खड़ी दो स्कूटियों में जबरदस्त धमाका, आठ लोग घायल, NIA और ATS जांच में जुटी
कानपुर में बुधवार की शाम एक भीषण धमाके ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया। यह धमाका सड़क किनारे खड़ी दो स्कूटियों में हुआ, जिससे आसपास का इलाका दहशत में आ गया। घटना में आठ लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें दो की हालत नाजुक बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज 500 मीटर से लेकर डेढ़ किलोमीटर तक सुनी गई। आसपास के घरों और दुकानों की खिड़कियों के शीशे टूट गए, और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। फायर ब्रिगेड और फॉरेंसिक टीमों ने इलाके को घेर लिया है और विस्फोट के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि स्कूटियों में किसी तरह का विस्फोटक पदार्थ रखा गया था, जिसने अचानक ब्लास्ट का रूप ले लिया। हालांकि पुलिस अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है और सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश एटीएस (Anti-Terrorist Squad) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम भी जांच में शामिल हो गई है। एनआईए की लखनऊ ब्रांच से तीन सदस्यीय टीम मौके के लिए रवाना हो चुकी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि धमाका आतंकी साजिश का हिस्सा था या फिर स्थानीय स्तर पर किसी लापरवाही का नतीजा। घटना के तुरंत बाद पुलिस कमिश्नर और वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और इलाके को सील कर दिया गया। मौके पर मौजूद फॉरेंसिक टीम विस्फोट की प्रकृति, इस्तेमाल हुए पदार्थ और धमाके की तीव्रता का वैज्ञानिक विश्लेषण कर रही है। वहीं, स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि स्कूटी कई घंटे से वहां खड़ी थी, लेकिन यह किसी की है, इसका पता अभी नहीं चल पाया है। यह भी संभावना जताई जा रही है कि स्कूटी में पटाखे या केमिकल पदार्थ रखा गया हो, जिससे यह ब्लास्ट हुआ। हालांकि अधिकारियों ने कहा है कि “यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि यह आतंकी हमला था या नहीं। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।”
इस धमाके से इलाके में दहशत का माहौल है। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि धमाके के तुरंत बाद चारों तरफ धुआं फैल गया और लोग इधर-उधर भागने लगे। कई वाहनों को नुकसान पहुंचा है और सड़क पर गड्ढा बन गया है। घायल लोगों को तत्काल हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि कुछ लोगों को गंभीर जलन और छाती में चोटें आई हैं। पुलिस ने सुरक्षा कारणों से इलाके की बिजली सप्लाई बंद कर दी है और पूरे क्षेत्र को बैरिकेड कर दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इलाका बहुत भीड़भाड़ वाला है और पास में ही पटाखों की कई दुकानें हैं। ऐसे में यह भी संभावना है कि किसी पटाखा गोदाम या स्टॉकिंग एरिया में हुए रासायनिक रिएक्शन के चलते यह विस्फोट हुआ हो। पुलिस आसपास के सभी CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि स्कूटी वहां कब और किसने खड़ी की थी।
घटना के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की बैठकों का दौर शुरू हो गया है। कानपुर के पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने कहा कि “यह कहना अभी बहुत जल्दी होगा कि यह विस्फोट क्यों हुआ, लेकिन हमारी टीमें जांच में जुटी हैं। फॉरेंसिक टीम के रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।” एनआईए और एटीएस की टीमों के साथ-साथ स्थानीय पुलिस भी साजिश के एंगल से जांच कर रही है। इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी घटना पर संज्ञान लिया है और अधिकारियों को पूरी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घायलों के बेहतर इलाज के लिए तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल, यह हादसा पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है, और लोग यह जानने के लिए बेसब्र हैं कि आखिर कानपुर की सड़कों पर इतना बड़ा धमाका किस वजह से हुआ। जांच एजेंसियां हर दिशा में काम कर रही हैं ताकि सच्चाई जल्द सामने आ सके।


