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Pawan Singh-Jyoti Singh विवाद: ‘मर्द का दर्द’ और CM Yogi तक पहुंची गुहार | Bihar Elections

पवन सिंह और पत्नी ज्योति सिंह का विवाद गहराया – आरोप, सफाई और सियासी असर की पूरी कहानी

बिहार की राजनीति और भोजपुरी सिनेमा की दुनिया इन दिनों एक बड़े विवाद का केंद्र बनी हुई है। चर्चित भोजपुरी अभिनेता और बीजेपी नेता पवन सिंह तथा उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच चल रहा विवाद अब पूरी तरह सार्वजनिक हो चुका है। शुरुआत में यह मामला एक निजी मतभेद के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन जैसे-जैसे दोनों पक्षों ने मीडिया के सामने अपने-अपने बयान दिए, मामला और गहराता चला गया। पवन सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, “महिला के आंसू सबको दिखते हैं, लेकिन मर्द का दर्द कोई नहीं देखता।” इस बयान ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले वह अपने घर नहीं गए थे और पूरी रात कार में ही गुजारी। वहीं, ज्योति सिंह ने भी खुलकर मीडिया के सामने आरोप लगाए कि पवन सिंह न केवल उन्हें इग्नोर करते हैं, बल्कि उनकी कॉल्स तक नहीं उठाते। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब पवन सिंह राजनीति में अपनी नई पहचान बना रहे हैं और जनता के बीच लोकप्रियता हासिल कर रहे हैं।

ज्योति सिंह, जो पवन सिंह की पत्नी हैं, उन्होंने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी बात रखी। उन्होंने बेहद भावनात्मक लहजे में कहा कि पवन सिंह ने चुनाव के दौरान उनका इस्तेमाल सिर्फ एक “पब्लिसिटी टूल” के रूप में किया। उनका आरोप है कि चुनाव खत्म होने के बाद पवन सिंह ने उनसे दूरी बना ली और दूसरी महिलाओं के साथ संबंधों में उलझ गए। उन्होंने लखनऊ में एक प्रेस वार्ता के दौरान यह भी कहा कि “जो अपनी पत्नी का सम्मान नहीं कर सकता, वह जनता की सेवा क्या करेगा?” उनके इस बयान ने पवन सिंह की राजनीतिक छवि को झटका दिया है। साथ ही, ज्योति सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि पवन सिंह एक अन्य लड़की के साथ होटल में देखे गए थे, जिससे उन्हें मानसिक पीड़ा हुई। उन्होंने कहा कि वे अपने पति से सिर्फ सम्मान और पारदर्शिता चाहती थीं, लेकिन उन्हें केवल धोखा और उपेक्षा मिली। इस पूरे घटनाक्रम में ज्योति सिंह का दर्द और आक्रोश साफ दिखाई देता है।

ज्योति सिंह के आरोपों का जवाब देते हुए पवन सिंह ने मीडिया के सामने अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी का यह व्यवहार चुनाव खत्म होने के बाद अचानक बदल गया और वे हर छोटे मुद्दे पर सार्वजनिक बयान देने लगीं। पवन सिंह ने सवाल उठाया कि “अगर चुनाव से पहले मैं गलत था, तो तब वह मेरे साथ क्यों थीं?” उन्होंने दावा किया कि उनके ससुर यानी ज्योति सिंह के पिता ने उन्हें विधायिका बनाने का प्रस्ताव भी दिया था, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि वे राजनीति में किसी रिश्तेदारी के आधार पर नहीं, बल्कि जनता के समर्थन से आना चाहते हैं। उन्होंने इस विवाद को एक पॉलिटिकल ट्रैप बताकर कहा कि यह सब उनकी छवि खराब करने की साजिश हो सकती है। पवन सिंह ने यह भी कहा कि वे हमेशा से परिवार और समाज दोनों की जिम्मेदारी निभाते रहे हैं, लेकिन झूठे आरोप लगाकर उनके सम्मान को ठेस पहुंचाई जा रही है।

अब यह विवाद केवल निजी नहीं रहा, बल्कि कानूनी और राजनीतिक रूप ले चुका है। ज्योति सिंह ने 5 अक्टूबर को लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने एसएचओ उपेंद्र सिंह पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी न्याय की गुहार लगाई है। वहीं, बीजेपी के अंदर भी यह मामला चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि पवन सिंह पार्टी के एक स्टार प्रचारक और भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के बड़े चेहरे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस विवाद का असर पवन सिंह की छवि पर तो पड़ेगा ही, साथ ही यह मामला महिला सम्मान और राजनीति में व्यक्तिगत जीवन की मर्यादा पर भी सवाल उठाएगा। सोशल मीडिया पर लोग दो खेमों में बंट गए हैं — एक पक्ष ज्योति सिंह के समर्थन में है तो दूसरा पवन सिंह के। फिलहाल, पुलिस और पार्टी दोनों ही मामलों की जांच में जुटी हैं और आने वाले दिनों में यह विवाद और भी गंभीर रूप ले सकता है।

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