भोजपुरी स्टार पवन सिंह और पत्नी ज्योति सिंह का विवाद अब बिहार राजनीति में बना बवंडर
भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार और हाल ही में राजनीति में कदम रखने वाले पवन सिंह इन दिनों अपने पारिवारिक विवाद को लेकर सुर्खियों में हैं। उनकी पत्नी ज्योति सिंह के साथ चल रहा निजी विवाद अब बिहार की राजनीति में एक बड़ा मोड़ बन गया है। दरअसल, ज्योति सिंह ने जन सुराज अभियान के संयोजक प्रशांत किशोर से मुलाकात की, जिसके बाद सियासी गलियारों में हलचल मच गई। इसी बीच पवन सिंह ने अचानक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐलान कर दिया कि वह बिहार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। इस बयान के साथ ही उन्होंने अपने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। पवन सिंह का कहना है कि उनके ससुर ने उनसे कहा था कि अगर वह ज्योति को विधायक बना देंगे तो आगे के रिश्ते पर उनका कोई विरोध नहीं रहेगा। यह बयान आने के बाद मामला और अधिक गरम हो गया और मीडिया के लिए यह पारिवारिक विवाद सियासी मसाला बन गया।
विवाद की जड़ में पवन सिंह और ज्योति सिंह के बीच का तनाव है, जो अब केवल पारिवारिक मामला नहीं रहा। पवन सिंह ने प्रेस वार्ता में कहा कि उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश रची जा रही है ताकि उन्हें चुनावी दौड़ से बाहर किया जा सके। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है ताकि बिहार की जनता उनके प्रति नकारात्मक धारणा बना ले। वहीं दूसरी ओर, ज्योति सिंह ने मीडिया के सामने कहा कि वह केवल अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रही हैं और उन्होंने किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रशांत किशोर से मुलाकात नहीं की। लेकिन राजनीतिक हलकों में यह मुलाकात एक रणनीतिक कदम के रूप में देखी जा रही है, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि जन सुराज अभियान सीमांचल और भोजपुरी क्षेत्र में अपनी पैठ बनाने की कोशिश में है।
5 अक्टूबर की रात इस विवाद ने नया मोड़ तब लिया जब ज्योति सिंह अचानक लखनऊ स्थित पवन सिंह के फ्लैट पर पहुंचीं। वहां पर दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें ज्योति सिंह पुलिस से मदद मांगती नजर आईं और पवन सिंह अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते दिखे। इस घटना के बाद दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाने लगे। पवन सिंह का दावा है कि ज्योति और उनके परिवार ने उनके खिलाफ साजिश रची है, जबकि ज्योति ने कहा कि वह सिर्फ अपने पति से मिलना चाहती थीं। सोशल मीडिया पर इस विवाद ने दो खेमों में बंटे दर्शकों के बीच तीखी बहस छेड़ दी है।
अब यह मामला केवल पति-पत्नी के बीच का नहीं रहा बल्कि बिहार की सियासत में एक नया बवंडर बन गया है। पवन सिंह के राजनीतिक भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं, जबकि विपक्षी दल इस विवाद को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। प्रशांत किशोर के जन सुराज अभियान से ज्योति सिंह की मुलाकात को विपक्षी रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है। वहीं पवन सिंह के समर्थकों का कहना है कि यह सब उनकी लोकप्रियता और उभरते राजनीतिक कद को खत्म करने की साजिश है। एक तरफ भोजपुरी स्टारडम, दूसरी तरफ राजनीति का मंच—इन दोनों के बीच फंसे पवन सिंह अब व्यक्तिगत और सार्वजनिक छवि दोनों को लेकर जूझ रहे हैं। यह विवाद आने वाले चुनावों में किसका नुकसान करेगा, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन इतना तय है कि इस घटना ने बिहार की राजनीति में नई हलचल जरूर पैदा कर दी है।


